ब्लड बैंक अब ‘ब्लड सेंटर’ कहलाएगा 

नई दिल्ली। केंद्र ने ब्लड बैंक का नाम बदल कर ‘ब्लड सेंटर’ करने का प्रस्ताव किया है। दरअसल, ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड द्वारा हाल ही में मंजूरी दिए गए प्रस्तावित नियमों के अनुसार ब्लड सेंटर यानी रक्त केंद्र किसी संगठन या संस्थान में अधिकृत परिसर होगा। केंद्र ने इसके साथ ही रक्तदान करने के नियमों को कारगर बनाने के लिए कई प्रस्ताव पास किए हैं। इनके तहत न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 65 वर्ष का व्यक्ति ही रक्तदान कर सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित नियमों के मुताबिक शिशु को जन्म देने के बाद एक साल तक, गर्भपात के बाद छह महीने तक, स्तनपान कराने और मासिक चक्र के दौरान महिलाएं रक्तदान नहीं कर सकती हैं। इसके अलावा, कैदियों के रक्तदान करने पर रोक लगाता है। यह उन लोगों के भी रक्तदान पर रोक लगाता है, जो ऐसे इलाकों के निवासी हैं या जिन्होंने उन इलाकों की यात्रा की है, जहां रक्त चढ़ाने से होने वाले रोगों का संक्रमण होने के जोखिम हैं।
नियमों के तहत मामूली सर्जरी के बाद छह महीने तक और बड़ी सर्जरी के बाद सालभर तक रक्त दान को टालने की सिफारिश की गयी है। साथ ही, मलेरिया से उबरने के बाद तीन महीने तक कोई व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकता। डेंगू और चिकनगुनिया से उबरने के बाद छह महीने तक और जीका विषाणु के संक्रमण से उबरने के चार महीने बाद तक कोई व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकता।
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