विरोध में दवा व्यापारी संगठन, सरकार से की अपील

अम्बाला। बीते माह से देशभर में दवाओं पर भी ई-वे बिल लागू हो गया है। इसके विरोध में कई कई राज्यों में दवा व्यापारी संगठन उतर आए हैं और राज्य सरकार को दवाओं पर ई-वे बिल हटाने के लिए गुहार लगाई है। उनका कहना है कि ई-वे बिल लागू हो जाने से दवा व्यापारियों की समस्याएं और बढ़ गई हैं क्योंकि बिल जारी करने में उन्हें अत्याधिक जानकारियां साइट पर अपलोड करनी होती हैं।
इसमें एक ई-वे बिल जारी करने के लिए करीब 40 मिनट से 60 मिनट का समय लग जाता है। ऐसे में रोगी को समय से दवाई नहीं उपलब्ध हो पाती और उनके इलाज में देरी के चलते इन्फेक्शन बढ़ जाता है, वहीं रोगी की जान का भी खतरा बना रहता है। कई राज्य सरकारों ने दवा संगठनों की इस जायज मांग के मद्देनजर दवाओं पर ई-वे बिल को वापस ले लिया है।
इसी कड़ी में हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने राज्य सरकार से संपर्क कर ई-वे बिल को हरियाणा में भी ना लगाने की गुहार लगाई है ताकि अन्य राज्यों की तरह हरियाणा के दवा विक्रेताओं को भी ई-वे बिल से राहत मिल सके। इस बारे में सरकार के नुमाइंदों ने कहा कि हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से ई-वे बिल हटाने की मांग पर मुख्यमंत्री कार्यालय शीघ्र ही अपना निर्णय सार्वजनिक करेंगे।
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