दवा व्यापारी परेशान

इलाहाबाद। ईवे बिल को लेकर दवा व्यापारियों में रोष देखने को मिल रहा है। इनकी माने तो अगर वह मरीजों को दवा बिक्री का ईवे बिल बनाएंगे तो व्यापार कब करेंगे। इतना ही नहीं, अगर कोई पेशेंट सीरियस कंडीशन में हो तो पहले जान बचाई जाएगी कि ई-वे बिल दिया जाएगा।

गौरतलब है कि नए नियम के मुताबिक 15 अप्रैल के बाद 50 हजार या इससे अधिक की बिक्री पर ईवे बिल देना अनिवार्य होगा। वहीं व्यापारियों का कहना है कि कुछ बीमारियों के इंजेक्शन की कीमत ही 50 हजार से अधिक है। अगर मरीज सीरियस है और उसे तत्काल इलाज की जरूरत तो ऐसे में वह बिल का इंतजार नहीं करेगा। ऐसे में सर्वर स्लो हुआ या पोर्टल गड़बड़ रहा तो ईवे बिल देना मुश्किल हो जाएगा। इस हालत में मरीज की जान कैसे बचेगी, यह बड़ा सवाल है।

दवा व्यापारियों की इन परेशानियों को लेकर इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव परमजीत सिंह का कहना है कि अगर कोई मरीज महंगी दवा या इंजेक्शन लेने आया है और उसे तत्काल मरीज को दिया जाना है तो ऐसे में वह बिल का इंतजार नहीं करेगा। ईवे बिल की व्यवहारिकता पर सरकार पुन: विचार करना होगा।

 

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