इस दवा को लेकर अब टेंशन नहीं होगा

नई दिल्ली : बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए अपनाई जाने वाले होम्योपैथी दवाओं के इफेक्ट-साइड इफेक्ट को लेकर मरीजों में अकसर शंका की स्थिति रहती है। इसकी बड़ी वजह ये कि होम्योपैथिक दवाओं से इलाज धीमी गति से किंतु जड़ से ठीक होता है लेकिन मानव प्रवृत्ति तत्काल राहत पाने की हो चली है। दूसरा लोगों में नशे की आदत लगातार बढ़ रही है, जिस कारण होम्योपैथिक दवाओं का असर प्रभावहीन हो रहा है। इस बीच यदि रोगी को आराम न मिले और दूसरी कोई बीमारी लग जाए तो उसे शंका हो जाती है कि कहीं होम्योपैथिक दवाओं के कारण रिएक्शन तो नहीं हो गया। खैर, चिकित्सकों की मानें तो होम्योपैथिक दवाईयां का कोई साइड- इफैक्ट नहीं होता। जरूरी ये है कि इन दवाओं का शीघ्र असर हासिल करना है तो शराब, गुटका, धूम्रपान का सेवन त्यागना पड़ेगा। इन दवाओं को खाने के नियम-कायदे अलग होते हैं। नियमों को फॉलो न किया जाए तो इंसान के ठीक होने की संभावना कम होती है।

होम्योपैथिक दवाओं कि डिब्बी खुली न छोड़े। इन्हें हमेशा ठंड़ी जगह पर रखे। गर्म जगह पर रखने से इसका लिक्विड उड़ जाता है और सिर्फ चीनी ही शेष रह जाती है। जिस वजह से यह दवाइयां बेअसर हो जाती है। होम्योपैथिक दवाओं का सेवन करने से पहले और बाद में किसी तरह का नशा न करें क्योंकि नशे में कैफीन की मात्रा अधिक होती है, जिनसे शरीर में दवा का असर नहीं होता। होम्योपैथिक दवाओं को ढक्कन की मदद से मुंह डालना चाहिए क्योंकि दवा हाथ में लेने से इनपर लगा लिक्विड हाथ में ही रह जाते है, जिससे दवाई प्रभावहीन हो जाती है। होम्योपैथिक दवाइयों का सेवन करने के करीब 10 मिनट बाद किसी भी चीज का सेवन न करें। होम्योपैथिक दवा खा रहे हैं तो कॉफी और चाय से दूरी बना लें। कई बार बीमारी में अकसर लोग घर में पड़ी किसी भी दवाई का सेवन कर लेते है, जिसका स्वास्थ्य गलत असर पड़ सकता है। दवा कोई भी हो और किसी भी पैथी की हो, बिना चिकित्सकीय परामर्श के सेवन नहीं करना चाहिए।

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here