एलोपैथिक दवा रखने का आरोपी डॉक्टर हाईकोर्ट से बरी

बीएएमएस को एलोपैथिक दवा के प्रयोग की इजाजत
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक बीएएमएस डिग्रीधारी डॉक्टर को एलोपैथिक दवाओं के संग्रहण के आरोप से बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाते हुए साफ कहा कि बीएएमएस डॉक्टर भी एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल कर सकते है। बता दें कि याचिकाकर्ता के खिलाफ सागर की अदालत में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत केस चल रहा था। इस संबंध में न्यायमूर्ति एसके पालो की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

इस दौरान याचिकाकर्ता का पक्ष अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता आदर्शमुनि त्रिवेदी, प्रशांत अवस्थी, आशीष त्रिवेदी, असीम त्रिवेदी, पंकज तिवारी, आनंद शुक्ला और सुधाकरमणि पटेल ने रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता डॉ. गोविन्द बीएएमएस डिग्रीधारक है। उसने बाकायदा प्रशिक्षण प्राप्त किया है इसलिए एलोपैथिक दवाओं सहित पकड़े जाने पर जेएमएफसी कोर्ट में आपराधिक केस चलाना उचित नहीं है। इसी के चलते ड्रग इंस्पेक्टर और अभियोजन कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली गई है।

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