मरीजों को लूटने का अड्डा बना पीजीआई

रोहतक । यहां स्थित हरियाणा का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सा संस्थान रोहतक पीजीआईएमएस मरीजों के साथ लूट खसोट मचाने और उन्हें निचोड़ने के मामले में एक बार फिर पूरी तरह नंगा हो गया है । मरीजों को इलाज के नाम पर किस तरह बाजार से चार गुणा तक महंगे उपकरण व दवाईयां आदि चहेते मेडीकल स्टोर्स से खरीदने पर मजबूर किया जाता है , इसका सनसनीखेज खुलासा हुआ है । पीजीआईएमएस में इस तरह की घटनाएं पहले भी चर्चा में आती रहीं हैं , लेकिन इस दफा आरोप कैमरे में रिकार्ड होने से मामला गंभीर हो गया है ।

इस प्रतिनिधि की खूफिया जांच पड़ताल में साफ हो गया है कि रोहतक स्थित  पीजीआईएमएस कुछेक भ्रष्ट व लालची डाक्टरों , पीजीआईएमएस प्रशासन के बेईमान अधिकारियों और मेडीकल उपकरण व दवाएं उपलब्ध कराने वाले चंद बड़े सप्लायरों की मिलीभगत का एक ऐसा अड्डा बन गया है जिसमें फंस कर मरीजों को अपनी जेब खुद काट कर इन जेबकतरों के हवाले करनी पड़ती है ।

सारे मामले का खुलासा पीजीआईएमएस के वार्ड नंबर 12 में दाखिल मरीज विद्यानंद मलिक (47 वर्ष) ने कैमरे के सामने कर दिया है । विद्यानंद मलिक का बयान पीजीआईएमएस के लालची डाक्टरों , बेसुध और गफलत में लीन प्रशासन और जेब काटने वाले सप्लायरों के गठजोड़ की पोल खोलने के लिए काफी है । जनता कालोनी (रोहतक) के निवासी और ट्रांसपोर्ट के धंधे में लगे विद्यानंद मलिक चार दिन पहले 12 मार्च को पीजीआईएमएस के हड्डी रोग विभाग में कोहनी की टूटी हुई हड्डी का आपरेशन कराने के लिए वार्ड नंबर 12 में दाखिल हुए थे । कुछ दिन पहले विद्यानंद मलिक अपनी पत्नी के साथ कहीं जा रहे थे तो एक बच्चे को बचाने के चक्कर में उनकी मोटर साइकिल दुर्घनाग्रस्त हो गई थी और उनके हाथ की कोहनी की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था । दो दिन पहले ही पीजीआईएमएस के ट्रॉमा सेंटर में विद्यानंद मलिक के हाथ का आपरेशन हुआ है । ऑपरेशन से पहले डाक्टर गौरव और डाक्टर अभिषेक ने उन्हें ऑपरेशन के लिए जरूरी उपकरणों और दवाईयों की एक लंबी चौड़ी फेहरिस्त सौंपी । उन्होंने एक ड्रिल मशीन भी लाने को कहा जोकि काफी महंगी आती है । डाक्टरों ने सामान की सूची देकर पूछा कि वे ये सब सामान किस मेडीकल स्टोर से खरीदेंगे ? जब विद्यानंद मलिक ने अपने एक परीचित मेडीकल स्टोर का नाम लिया तो डाक्टर ने कहा कि वहां से सामान नहीं लेना , उस मेडीकल स्टोर का सामान घटिया स्तर का होता है । अगर तुम इस मेडीकल स्टोर से सामान खरीदोगे तो न मैं ही तुम्हारा ऑपरेशन करूंगा और न ही कोई और डाक्टर ही तुम्हें हाथ लगाएगा । आखिर विद्यानंद ने आत्म समर्पण करते हुए कहा कि जहां से आप लोग कहेंगे , वहीं से सामान खरीद लूंगा । इस पर डाक्टर ने कहा कि तुम्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है , मेडीकल स्टोर वाला यही  आकर तुम्हें सारा सामान दे जाएगा ।

बकौल विद्यानंद मलिक , कुछ ही देर में उनके पास एक फोन आया और फोन करने वाले ने उसे बताया कि वह डाक्टर द्वारा बताया गया ऑपरेशन का सामान लेकर आया है । आप कार पार्किंग में आकर अपना सामान ले जायें ।

जब विद्यानंद मलिक पार्किंग में पहुंचे तो वहां उन्हें एक आदमी मिला जिसने खुद को ‘हरियाणा ओरथोपैडिक एंड मेडीकल डिवाइसिज स्टोर’ का मालिक बताया और  सामान की अनुमानित कीमत 17922₹ बताई । उसने कहा कि यदि कुछ पेमेंट एडवांस के तौर पर दे दें तो कुछ ही देर में सारा सामान सप्लाई कर देंगे । विद्यानंद मलिक ने उसे एडवांस के तौर पर चार हजार रूपये दे दिए । कुछ ही देर बाद वह व्यक्ति सारा सामान ले कर अा गया और फिर से पार्किंग में बुला कर सामान दे गया । ओरथोपेडिक्स विभाग में अपने एक परीचित डाक्टर को जब विद्यानंद मलिक ने सारी बात बताई तो उसने कहा कि वे सप्लायर को कह कर सामान की कीमत कुछ कम करा देंगे । परीचित डाक्टर के कहने पर सप्लायर ने 600₹ की और भी छूट दे दी तथा बकाया 13922₹ लेकर चला गया । लेकिन जब विद्यानंद मलिक ने बाजार में इस सामान की वास्तविक कीमत जानने की कोशिश की तो यह जान कर उनके पांवों तले से जमीन खिसक गई कि इससे बढ़िया क्वालिटी का यही सामान बाजार में महज चार हजार रूपये में उपलब्ध है ।

वास्तविक कीमत जानने के बाद विद्यानंद मलिक को महसूस हुआ कि डाक्टरों के हाथों वह बुरी तरह ठग लिया गया है ।

जब इस प्रतिनिधि ने ‘हरियाणा ओरथोपेडिक्स एंड मेडीकल डिवाइसिज स्टोर’ के बारे में जानने की कोशिश की तो यह मेडीकल मोड़ पर एक बहुत ही छोटी सी नाम मात्र की दुकान निकली । दुकान में बस नाम मात्र का ही सामान रखा हुआ दिखाई दिया । दुकान की हालत देखकर लगता है कि इस मेडीकल स्टोर के संचालक का धंधा पीजीआईएमएस के डाक्टरों के साथ मिलीभगत से ही चल रहा है ।

विद्यानंद मलिक का कहना है कि रोहतक पीजीआईएमएस के डाक्टर और मेडीकल स्टोर्स के मालिक मिल कर मरीजों को दोनों हाथों से लूट रहे हैं और पीजीआईएमएस प्रशासन भी इनके साथ मिला हुआ है । पीजीआईएमएस के आला अधिकारियों को चाहे कितनी भी शिकायतें करो , इनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगती । शायद लूट खसोट के काम में इनकी भी हिस्सेदारी बंधी हुई है ।

मरीजों को लूटने का अड्डा बना पीजीआई….

मरीजों को लूटने का अड्डा बना पीजीआई…

Posted by Medicare News on Friday, March 15, 2019

* सर्वदमन सांगवान
साभार – गरिमा टाइम्स

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