जांच में अमानक मिलीं 13 कंपनियों की दवाइयां

बद्दी। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में 13 दवा उद्योगों में निर्मित दवाएं सब-स्टैंडर्ड पाई गई हैं। ये सभी दवाइयां हिमाचल की बनी हुई हैं। जो दवाएं गुणवत्ता के पैमाने पर बेअसर साबित हुई हैं, उनमें गैस्ट्रिक, दर्द निवारक, कोलेस्ट्रॉल, एनिमिया, हाई बीपी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। राज्य दवा नियंत्रक ने संबंधित दवा उद्योगों को नोटिस जारी करते हुए संबंधित दवाओं का बैच बाजार से तत्काल उठाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा प्राधिकरण का एनएसक्यू सैल भी अलग से इन उद्योगों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपेगा। जानकारी के अनुसार सीडीएससीओ के फरवरी के ड्रग अलर्ट में देश के विभिन्न राज्यों के 37 दवा उद्योगों में निर्मित दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर सकी हैं। इस अलर्ट में हिमाचल के कालाअंब, बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ स्थित 13 उद्योगों में निर्मित दवाओं के सैंपल फेल होने का खुलासा हुआ है। सनद रहे कि देशभर में परीक्षण के दौरान गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने वाले दवा उत्पादों के इस्तेमाल से आम जनता को रोकने के मकसद से केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने ड्रग अलर्ट जारी करने की कवायद शुरू कर रखी है। हिमाचल के ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह ने बताया कि प्रदेश में निर्मित जिन  दवाओ के सैंपल सबस्टैंडर्ड पाए गए हैं, उन कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए बाजार से इन दवाओं का पूरा बैच हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा दवा निरिक्षक भी अलर्ट में शामिल सभी उद्योगों की अलग से विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पूर्ण दवा निर्माण में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान अवहेलना पाए जाने पर उद्योगों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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