स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर, व्यवस्था चरमराई 

अम्बाला। एनआरएचएम कर्मियों ने अपनी मांगों के चलते 5 फरवरी से हड़ताल जारी रखी हुई है, परन्तु सरकार कर्मियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही। बता दें कि 11 फरवरी को मिशन डायरेक्टर के साथ एनआरएचएम कर्मी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसके चलते अम्बाला में धरनास्थल पर कर्मियों ने सामूहिक मुंडन करवा रोष प्रकट किया। एनआरएचएम कर्मियों की हड़ताल के चलते रोगी की पर्ची बनाना, डिलीवरी सेक्शन, एनसीडी, एनएसआईयू, एम्बुलेंस, टीबी, टीकाकरण, स्कूल हेल्थ, सुकून सेंटर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाना आदि सेवाएं प्रभावित रहीं। हड़ताल से निपटने के लिए प्राइवेट एम्बुलेंस चालकों व अन्य कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अस्थाई कर्मी भर्ती किए परन्तु कोई भी काम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा। इससे जनता को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। एनआरएचएम कर्मियों की मुख्य मांगों में कर्मचारियों को पक्का करने, समय-समय पर मिलने वाली वेतन वृद्धि उन्हें भी दिए जाने, बीमार व किसी अन्य अतिआवश्यक काम हेतु यदि अवकाश लेना पड़े तो वेतन काटना बन्द करने, 8 महीने का बकाया वेतन देने तथा ओवरएज हो चुके कर्मियों को नियमित करने की मांगें शामिल हैं। एनआरएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा की अम्बाला इकाई के अध्यक्ष तरणदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कई माह पूर्व ज्ञापन देने आए एनआरएचएम कर्मियों को वेतन विसंगति 1 माह में दूर करने का आश्वासन दिया था, वह भी हवा हो लिया। यदि सरकार ने उनकी सभी जायज मांगों पर कोई सार्थक संज्ञान न लिया तो आंदोलन को और कारगर बनाने के लिए नई रणनीति बनाएंगे।
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