नकली दवा बेचने और दुकानदारों से बंधी लेने जैसे आरोपों को लेकर हंगामा

सीकर। होलसेल सहकारी उपभोक्ता भंडार लिमिटेड सीकर के प्रशासक मंडल को वार्षिक आम सभा में गुरुवार को भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। विरोध इतना ज्यादा था कि प्रशासक मंडल को महज 10 से 15 मिनट में ही कागजी कार्रवाई पूरी कर आम सभा संपन्न होने की घोषणा करनी पड़ी। सदस्यों के आरोप थे होलसेल भंडार द्वारा नकली दवा व जैनेरिक दवा बेची जा रही है, दुकानदारों से बंधी ली जा रही है, नगद राशि का गबन किया जा रहा, नियम विरुद्ध सदस्य बनाए जा रहे हैं।

यह भी आरोप था कि प्रशासक कार्यकाल में सदस्य नहीं बनाए जा सकते हैं जबकि भंडार में नियम विरुद्ध सदस्य बनाए जा रहे हैं। आम सभा रेलवे सामुदायिक भवन में सुबह 11.15 बजे शुरू होनी थी। सदस्यों के विरोध की वजह से आम सभा प्रशासक विनोद रॉयल व महाप्रबंधक गंगाधर साहरण की उपस्थित में दोपहर एक बजे शुरू हो पाई। सभा शुरू होते ही सदस्यों ने भ्रष्टाचार, गबन, नियमविरुद्ध सदस्य बनाने,सभी मौजूद सदस्यों को आम सभा में प्रवेश नहीं देने सहित तमाम आरोपों को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। विरोध बढ़ता देख प्रशासक विनोद रॉयल व महाप्रबंधक गंगाधर सहारण ने आम सभा की कार्रवाई शुरू कर दी। 15 मिनट चली कार्रवाई के बाद दोपहर सवा एक बजे प्रशासक मंडल ने आम सभा को संपन्न करने की घोषणा कर दी और मंच छोड़कर चले गए। इसके बाद काफी देर तक सदस्य सभा स्थल पर प्रशासक मंडल के खिलाफ नारे-बाजी करते रहे। आक्रोशित सदस्यों ने सभा स्थल की कुर्सियों को भी इधर-उधर फेंक दिया।

मांगों की सुनवाई नहीं सुनने पर भारी संख्या में सदस्य जैन भवन के पास सहकार भवन के सामने पहुंच गए। यहां शाम चार बजे से ही सदस्यों ने पूर्व डायरेक्ट इकबाल गोरी, पूर्व अध्यक्ष इमरान गोरी, भंवरु खां, बुनियाद अली, सदीक, सजाउद्दीन, निसार अहमद, मुरारी, बलवीर सिंह, निदेश जाखड़, दीवान सिंह, सत्यनारायण, इमरान चौहान, नईम कच्छावा, सागर चौहान, बाबू चौहान, रफीक गौरी आदि की अगुवाई में टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू दिया। आरोप है कि 6400 सदस्य पंजीकृत है। सभा स्थल पर 425 सदस्य पहुंचे। उनमें से महज 282 सदस्यों को ही प्रवेश दिया गया। शेष सदस्य स्थल के बाद हंगामा करते रहे।

 

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