इस पाउडर और क्रीम के सैंपल मिले फेल

नई दिल्ली। चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए लगाया जाने वाला मेकअप पाउडर आपको बदसूरत भी बना सकता है। ड्रग कंट्रोल विभाग ने सौंपल लेकर जांच कराई तो मेकअप पाउडर में कांच मिला। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में चीन की दवा और ग्लो पाउडर का नमूना फेल होने से खलबली मची हुई है। इसमें हैवी लैड की मात्रा अधिक पाई गई। वहीं ब्लीचिंग क्रीम मिथ्याछाप स्तर की निकली। दोनों पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि एफएसडीए की टीम ने लुहार गली से रेवलॉन टच एंड ग्लो मॉइश्चराइजिंग पाउडर का नमूना लिया था। इसके निर्माता जीएस फार्माबूटर प्राइवेट लिमिटेड पंत नगर रुद्रपुर हैं। जियादिली कास्मेटिक कंपनी गोंगडंग चाइना की टीवाईए टू वे केक फाइव इन वन मॉइश्चराइजिंग क्रीम का नमूना भी लिया गया।
एफएसडीए की लैब में इसकी जांच कराई गई तो चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। इसमें हैवी लेड की मात्रा अधिक पाई गई। वहीं, मोहम्मद शरीफ के एमएस इंटरप्राइजेज से हिंदुस्तान हर्बल कॉस्मेटिक नोएडा की निर्मित अरोमा नैनो गोल्ड ब्लीच क्रीम का नमूना लिया गया। ये मिथ्याछाप स्तर का पाया गया। इस पैक पर आवश्यक जानकारी दर्ज नहीं थी। विभाग की लैब में जांच के नमूने फेल होने पर विभाग ने विक्रेता और कॉस्मेटिक कंपनी को नोटिस जारी किया है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त औषधि एसएस सिंह का कहना है कि दोनों संचालकों के खिलाफ औषधि एवं प्रशासन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मेकअप को इस्तेमाल करने से त्वचा की एलर्जी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। चेहरा खराब तक हो सकता है।
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