मरीजों को दवा देने का नया तरीका निकाला

मुंबई। अब मरीजों को दवा देने का नया तरीका तलाशा गया है। यह जीवाणु से होने वाले संक्रमणों को रोकने में सहायक होगा। अमेरिका के रुटगर्स विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने रोगाणुरोधी एजेंट ले जाने की क्षमता वाले अति सूक्ष्म संरचना के सिलिका कणों का संश्लेषण किया, जिन्हें बेहतर औषधि संवाहक माना जाता है। उन्होंने पाया कि ये कण मानव में रोग पैदा करने वाले दो जीवाणुओं को मारने में प्रभावी हैं। दवा देने वाली इस नयी प्रणाली में यौगिक पदार्थ धीरे-धीरे शरीर में रोगाणुरोधी छोड़ते हैं जिससे किसी खास जगह पर अणु की ज्यादा मात्रा जमा होती जाती है। यह प्रतिजैविक दवाओं के सेवन से बिलकुल अलग है जो खाने के बाद पूरे शरीर में फैल जाती हैं। रुटगर्स यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर जेफरी बोइड ने कहा कि दिलचस्प यह है कि जीवाणुरोधी एजेंटों की तुलना में जीवाणु का खात्मा करने में ये कण ज्यादा प्रभावी निकले जो दवा देने की अधिक प्रभावी पद्धति पर जोर डालते हैं। जीवाणु तेजी से विकसित हो रहे हैं और जीवाणुरोधी का उन पर असर कम होता जा रहा है। इन परिणामों से एक रोगाणुरोधी थैरेपी विकसित करने में मदद मिलेगी, जो अवांछित जगहों पर जीवाणुओं के बढऩे एवं जीवाणु संक्रमण को रोक सकेगी।
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