फार्मा कंपनियों-दवा दुकानों पर लगेगा जुर्माना 

मुंबई। दवा व सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली कंपनियों और मेडिकल स्टोर संचालक सचेत हो जाएं। अब राज्य सरकार उन पर शिकंजा कसने जा रही है। हाल ही में संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में दवा और सौंदर्य प्रसाधनों के उत्पादन और बिक्री के संदर्भ में कानून का उल्लंघन करने पर दंड वसूली का प्रावधान किया गया है। इसके लिए सरकार विधानमंडल में विधेयक पेश कर कानून बनाएगी। इससे दवा दुकान मालिकों के लाइसेंस का प्रदर्शन नहीं करने, बैनर पर केमिस्ट व ड्रगिस्ट, ड्रग स्टोर्स नहीं लिखने, पंजीकृत फार्मासिस्टों के परिर्वतन पर लाइसेंसिंग अथॉरिटी को जानकारी नहीं देने तथा उचित समय पर एक्सपाइरी दवाओं को अलग नहीं करने पर जुर्माना लगाया जा सकेगा।
दवा उत्पादन करने वालों को भी कानून के उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान किया गया है। दवा और सौंदर्य प्रसाधनों के आयात, उत्पादन, बिक्री और वितरण को लेकर प्रचलित कानून में लाइसेंसधारी का लाइसेंस रद्द या निलंबित करने का ही अधिकार होता है। इसके अतिरिक्त दंड वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में कानून की कुछ धाराओं में सुधार करते हुए नई धारा को जोडऩे को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से दवा निर्माता, विक्रेता सहित ब्लड बैंकों और मान्यता प्राप्त परीक्षण प्रयोगशालाओं के कानूनी दायरे में आने और संबंधित मामलों को हल करने में मदद मिलेगी। राज्य में तकरीबन 76 हजार 800 दवा बिक्री प्रतिष्ठान और तकरीबन 4400 उत्पादन प्रतिष्ठान हैं।
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