हैल्थ यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो. वाइस चांसलर के बेटे के खिलाफ यौन प्रताड़ना का मामला

रोहतक । हैल्थ यूनिवर्सिटी से जुड़े राजकीय डेंटल कॉलेज में प्रोस्थोडैनिटिक्स विषय में एम डी कर रही एक छात्रा ने अपने गाइड और प्रोफैसर डा. अंशुल चुघ पर यौन प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है । डा. अंशुल चुघ हैल्थ यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो. वाइस चांसलर डा. एसएन चुघ के बेटे हैं ।

गौरतलब है कि पीड़ित छात्रा जींद जिले के सेक्टर आठ की रहने वाली है और उसने इसी साल 16 मई को ही एचसीडीसी कोटे के तहत एमडी के कोर्स में दाखिला लिया था । छात्रा बाकायदा विवाहित है और बाल बच्चेदार भी है ।

पीड़ित छात्रा की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर , प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और हैल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. ओपी कालड़ा को पत्र लिख कर शिकायत की गई है कि डा. अंशुल चुघ ने अपने पद और प्रभाव का फायदा उठा कर उसे यौन संबंधों के लिए मजबूर करने का प्रयास किया है और धमकी दी है कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह उसको एमडी में पास नहीं होने देगा ।

पत्र में कहा गया है कि डा. अंशुल चुघ ने पीड़िता को मोबाइल पर न केवल पोर्न फोटो ही भेजे बल्कि अभद्र व अश्लील भाषा में वाट्सअप पर गलत संदेश भी डाले और कहा कि उससे (डा.चुघ) दोस्ती करने में उसे फायदा रहेगा । इतना ही नहीं उन्होंने कई बार गलत नीयत से उसका हाथ भी पकड़ा और बहाने से उसे छूने का प्रयास भी किया । इन सब हरकतों से तंग आकर ही वह यह सब लिखने को मजबूर हुई है । छात्रा के जेठ ने भी कुलपति को इस संबंध में पत्र लिखा है ।

पता चला है कि हैल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति ओपी कालड़ा ने मामले को यूनिवर्सिटी की ‘वूमन हैरसमैंट कमेटी ऑन वर्किंग प्लेस” (कार्य स्थल पर महिलाओं के विरूद्ध यौन प्रताड़ना संबंधी कमेटी) को सौंप दिया है । इस कमेटी की चेयरमैन बॉयोकेमेस्ट्री विभाग की अध्यक्ष डा. बीना गहलौत हैं । फोरेंसिक साइंस विभाग के डा. लव शर्मा , अनॉटोमी विभाग की डा. राठी और नर्सिंग कालेज की सुपरीडेंट मिसेज यशवंती इस कमेटी में शामिल हैं । सरकार द्वारा गठित नागरिक निगरानी कमेटी की सदस्या व बीजेपी नेता ज्योत्सना रोहिल्ला से भी जांच में सहयोग लिया जा रहा है ।

पता चला है कि कमेटी ने पीड़ित छात्रा तथा आरोपी डाक्टर मि. अंशुल चुघ को तलब किया था , जिसमें छात्रा ने तमाम भेजे गए एसएमएस , अश्लील फोटो व वाट्सअप संदेशों के स्क्रीन शाट्स कमेटी के समक्ष पेश किये जो कि अपने आपमें आरोपी को दोषी ठहराने के लिए काफी पुख्ता सबूत कहे जा सकते हैं , जबकि आरोपी डाक्टर ने अपने बचाव में कोई सबूत पेश करने की जगह कमेटी से जवाब देने के लिए दो दिन का समय मांगा है । कमेटी ने डा. अंशुल चुघ को दो दिन का समय दे दिया है और अब 14 सितंबर को उसे कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने को कहा गया है ।

पता चला है कि दो दिन का समय लेने के साथ ही डा. अंशुल चुघ ने कुलपति ओपी कालड़ा को पत्र लिख कर जांच कमेटी की चैयरमैन डा. बीना गहलौत की निष्पक्षता व ईमानदारी पर शक जाहिर करते हुए उन्हें बदलने की मांग कर दी है ।

डा. अंशुल चुघ ने कुलपति को लिखे पत्र में कहा है कि उनके पिता डा. एसएन चुघ व उनकी माता भी पीजीआईएमएस में चिकित्सक व प्राध्यापक रहे हैं और जांच अधिकारी डा. बीना गहलौत से उनकी नहीं बनती थी , इसलिए उन्हें डा. बीना गहलौत से इंसाफ मिलने की कोई उम्मीद नहीं है ।

अब इस मामले में 14 सितंबर को होने वाली बैठक में कोई बड़ा फैसला आने की उम्मीद है । देखना यह है कि कुलपति डा. ओपी कालड़ा आरोपी डाक्टर की मांग पर जांच अधिकारी को बदल कर किसी और को जांच अधिकारी लगाते हैं या डा. बीना गहलौत को ही जांच की बागडौर थमाए रखते हैं । इस महत्वपूर्ण मामले में अब गेंद पूरी तरह कुलपति के पाले में है ।

सर्वदमन सांगवान@9812024027

साभार – गरिमा टाइम्स

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