कैडिला हेल्थकेयर के कारोबार में आई गिरावट

मुंबई। कैडिला हेल्थकेयर के जून तिमाही के आंकड़े अनुमानों पर खरे नहीं उतरने के कारण कंपनी का शेयर 5.83 फीसदी टूट गया। अमेरिकी बाजार में कीमतों पर दबाव के कारण कंपनी के अमेरिकी और कुल कारोबार की वृद्धि अनुमान से कम रही। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के अनुमानों के मुताबिक कंपनी के राजस्व में अमेरिका की बिक्री का करीब 44 फीसदी हिस्सा है।
कंपनी की अमेरिका में बिक्री की वृद्धि सालाना आधार पर 27 फीसदी रही, जबकि इसमें करीब 70 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान था। यूएसएफडीए के साथ मसलों को सुलझाने के बाद कंपनी को नए उत्पाद पेश करने के लिए मंजूरी का फायदा मिला है। इसे कुछ अल्सरेटिव कोलाइटिस की दवा लायल्डा फ्लू की दवा टेमिफ्लू जैसी दवा श्रेणियों में सीमित प्रतिस्पर्धा का भी फायदा मिला है।
विश्लेषकों ने कहा कि टेवा के लायल्डा संस्करण से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने और फ्लू के सीजन के बाद टेमिफ्लू का योगदान घटने से कंपनी के प्रदर्शन पर असर पड़ा है। अमेरिका में जून तिमाही के दौरान बिक्री में उससे पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 25 फीसदी गिरावट अनुमान से अधिक थी। कंपनी ने पिछली तिमाही के दौरान कीमतों में केवल 2 फीसदी गिरावट दर्ज की है। घरेलू कारोबार (कुल राजस्व में एक तिहाई योगदान) में पिछले साल के निचले आधार (जीएसटी की वजह से स्टॉक को खत्म करना) के मुकाबले बढ़ोतरी अच्छी रहने की संभावना थी। इस तरह भारत में बिक्री सालाना आधार पर 40 फीसदी बढ़ी, मगर कुल कारोबारी राजस्व 28.9 अरब रुपये ही रहा।
यह विश्लेषकों के 30.65 अरब रुपये के अनुमानों से कम था। कंपनी का परिचालन लाभ 6.45 अरब रुपये रहा। यह सालाना आधार पर 133 फीसदी अधिक था, लेकिन बीती तिमाही के मुकाबले करीब 26 फीसदी कम था। कंपनी का शुद्ध लाभ 4.61 अरब रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 233 फीसदी अधिक था। इसमें कंपनी को अधिक अन्य आमदनी से मदद मिली। हालांकि जून तिमाही में शुद्ध लाभ उससे पिछली तिमाही के मुकाबले 22 फीसदी कम रहा।
कंपनी ने जून तिमाही के दौरान अमेरिका में 9 नए उत्पाद शुरू किए हैं। पिछले एक साल में नए उत्पादों की शुरुआत को मंजूरी में काफी तेजी आई है। यह रुझान जून तिमाही में भी बना रहा। कंपनी को जून तिमाही में नए उत्पाद शुरू करने के लिए 13 मंजूरियां मिलीं। कैडिला ने वित्त वर्ष 2019 में 50 नए उत्पाद शुरू करने की योजना बनाई है।
कंपनी को टोपरोल (हाइपटेंशन), एसाकोल एडी (कोलेस्ट्रोल) एक्सेलोन (ट्रांसडर्मल पैच), प्रिवासिड ओडीटी (एसिड रिफलक्स) और कृमिनाशक दवा एल्बेंजा जेनेरिक्स से लायल्डा के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा की भरपाई करने में मदद मिल सकती है।
कंपनी ने हाल में टोपरोल जेनेरिक्स की बिक्री शुरू की है। कंपनी जल्द ही एसाकोल एचडी भी बाजार में उतारने जा रही है। यह एसाकोल के लिए पहले ही अधिकृत जेनेरिक्स की मार्केटिंग कर रही है। अब खुद की जेनेरिक दवा पेश करने से लाभ में बढ़ोतरी हो सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि इसमें 70 से 75 फीसदी मार्जिन है, जबकि अधिकृत जेनेरिक्स में केवल 20 से 25 फीसदी मार्जिन मिलता है। इलारा कैपिटल का अनुमान है कि एसाकोल की बिक्री कंपनी के परिचालन लाभ में 1.4 अरब रुपये का अतिरिक्त योगदान देगी।
बाजार की नजर सितंबर, 2018 तिमाही में नए उत्पादों की शुरुआत पर होगी। लेकिन कंपनी को पिछले साल की सितंबर तिमाही में लायल्डा की बिक्री के ऊंचे आधार का नुकसान भी होगा। कंपनी का मानना है कि नए उत्पादों की पेशकश बढऩे का लाभ वित्त वर्ष 2019 की दूसरी छमाही में मिलने लगेगा। इसे पूरा भरोसा है कि अमेरिका में वृद्धि की रफ्तार लगातार बनी रहेगी। आईसीआईसीआई सिक्टोरिटीज के विश्लेषकों ने कहा कि कंपनी का प्रबंधन हर तिमाही में 10 से 12 नए उत्पाद उतारने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें अमेरिका में कम प्रतिस्पर्धा वाले उत्पादों की शुरुआत भी शामिल है। हालांकि अमेरिका में कीमतों पर दबाव से नए उत्पादों की शुरुआत के मौके कम हो सकते हैं।
कंपनी ने दवा विनिर्माण में अपना दायरा बढ़ाने के लिए देहरादून की विंडलास हेल्थकेयर में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। कैडिला ने कुछ उत्पादों के लिए आवेदन विंडलास की यूएसएफडीए से मान्यता प्राप्त इकाइयों से करने की योजना बनाई है। इस तरह इसका फायदा कुछ समय में मिलने लगेगा। कंपनी भारत में बायोलॉजिकल और वैक्सीन खंड, लाइसेंसी करारों और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने की योजना बना रही है।
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