दवाओं की गुणवत्ता से समझौता नहीं 

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के दवा और कॉस्मेटिक निर्माताओं के साथ परिसंवाद के दौरान कहा कि दवाओं की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने नशीली दवाओं के रूप में दुरूपयोग की जा रही दवाओं के खतरे पर अंकुश के लिए प्रशासनिक, विधायिका तथा नियामक स्तर पर कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मानव जीवन अधिक महत्वपूर्ण है और इस प्रकार गुणवत्ता और क्षमता से समझौता करने वालों को भागने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। राज्य में फार्मा तथा कॉस्मेटिक सेक्टर न केवल राज्य के युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर प्रदान करने, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को सुविधा प्रदान करने के लिए बीबीएन में सडक़ों, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जलापूर्ति इत्यादि जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।

सरकार फार्मा उद्योग के प्रतिनिधियों द्वारा उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के संबंध में उठाए गए मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। औद्योगिक उद्देश्य के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन के मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उद्योगपतियों को देश के विभिन्न भागों में सुचारू रूप से अपने उत्पादों के परिवहन के लिए सर्वोत्तम परिवहन सुविधाएं प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि वर्ष 2003 में राज्य के लिए विशेष औद्योगिक पैकेज की घोषणा के कारण प्रदेश में औषधीय उद्योग लगातार उन्नति की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि दवाइयों का निर्माण वहन करने योग्य और गरीबों की पहुंच में होना चाहिए।

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